TCS Nashik Conversion Case: नासिक में TCS यूनिट की महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और धर्मांतरण करने के प्रयास करने वाली आरोपी निदा खान को पुलिस ने गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया कि इस केस में स्थानीय पुलिस ने मदद की गई।
25 दिनों से पुलिस को दे रही थी चकमा
निदा खान FIR दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रही थी। उसकी तलाश में नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही थी। करीब 25 दिनों तक गिरफ्तारी से बचने के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ ही लिया।
SIT यूनिट में 9 FIR दर्ज
इस मामले में SIT पहले ही नौ अलग-अलग FIR दर्ज कर चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने आठ दूसरे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि कंपनी के भीतर ग्रुप बनाकर संगठित तरीके से गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
महिला कर्मचारियों पर धार्मिक दबाव के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में कहा गया है कि एक विशेष धर्म की देवी-देवताओं के खिलाफ गलत बातें कही गईं, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। साथ ही धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
इस्लाम के अनुसार रहने का बनाया दबाव
जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी मजहब के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने के लिए दबाव डालने का आरोप है। पुलिस इन आरोपों की गहराई से जांच कर रही है।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। उसने अदालत को बताया था कि वह दो महीने की गर्भवती है और गिरफ्तारी से राहत चाहती है। हालांकि कोर्ट ने उसे अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और मानहानि से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से होने के कारण एससी, एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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