राम मंदिर(Ram Mandir) चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज करते हुए पुलिस ने रविवार सुबह बड़ा अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे पुलिस की छह अलग-अलग टीमों ने जेल में बंद आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की और आसपास रहने वाले पड़ोसियों से भी मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाने की कोशिश की।
छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर ताला लगा मिला। पुलिस ने पड़ोसियों से उसके परिवार और गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली। कार्रवाई में राजस्व विभाग के अधिकारियों, खास तौर पर लेखपालों को भी शामिल किया गया है ताकि संपत्ति और अन्य रिकॉर्डों की सही तरीके से जांच की जा सके।
चोरी की सामग्री मिलने की उम्मीद
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों के घरों से चोरी किए गए चढ़ावे या उससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं। इसी मकसद से अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस अब जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्री की भी जांच कर रही है।
SIT रिपोर्ट के बाद हुई गिरफ्तारी
यह मामला 7 जून को सामने आया था जिसके बाद राज्य सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी जिसके आधार पर 25 जून को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज की गई थी। इसी मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को नामजद करते हुए गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद सभी आरोपियों को अदालत न्यायिक हिरासत के लिए भेज दिया गया था।
ट्रस्ट में भी हुआ बदलाव
इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पुष्टि की है कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि के मुताबिक, इन इस्तीफों पर 11 जुलाई को होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं को यह भरोसा दिलाया कि मंदिर में उनके द्वारा चढ़ाई गई सोने-चांदी की सभी बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।