Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को FIR दर्ज होने के बाद सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। रातभर पूछताछ के बाद SIT ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड मांगेगी।
इन आठ लोगों पर दर्ज हुई FIR
मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन सभी पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र समेत कई आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
ट्रस्ट सदस्य की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह FIR श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई। राम मंदिर में दान और चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने इसकी विशेष जांच कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया।
मुख्यमंत्री ने दिए थे सख्त निर्देश
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि SIT की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। शुरुआती जांच के बाद SIT ने अपनी रिपोर्ट में कठोर सिफारिशें की हैं। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं।
दानराशि प्रबंधन से जुड़े थे अधिकांश आरोपी
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, नामजद आरोपियों में अधिकांश लोग मंदिर में मिलने वाली दानराशि और चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे। इसी आधार पर उनकी भूमिका की जांच की गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
टिन्नू यादव को लेकर भी हुई जांच
जांच के दौरान सामने आया कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का वाहन चालक बताया जाता है। हालांकि, टिन्नू यादव ने पहले मीडिया से बातचीत में दान और चढ़ावे की रकम की गिनती में किसी भी तरह की भूमिका होने से इनकार किया था। उन्होंने दावा किया था कि कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से उनका नाम इस मामले में जोड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया था।
गिनती के काम में शामिल थे अन्य आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि लवकुश मिश्र और अनुकल्प मिश्र मंदिर में प्राप्त दानराशि और अन्य कीमती सामान की गिनती के काम से जुड़े थे। SIT अब पूरे मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और दानराशि प्रबंधन की प्रक्रिया की जांच कर रही है।
इन अधिकारियों की निगरानी में हो रही जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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