Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम के ऐलान के साथ ही पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को कांग्रेस हाईकमान ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग समितियों का गठन किया था। इसके दो दिन बाद ही पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने आवास पर समर्थकों की बैठक बुलाई है।
चन्नी की बढ़ी नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, चरणजीत सिंह चन्नी चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं। हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगाते हुए तीन कार्यवाहक प्रधानों के फॉर्मूले के साथ मौजूदा नेतृत्व को बना कर रखा है।
कार्यकर्ताओं में भी संशय का माहौल
नई नियुक्तियों के बाद पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं और नेताओं के समर्थकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। कई बड़े नेताओं ने न तो अपनी नई जिम्मेदारियों पर कोई सार्वजनिक रिएक्शन दिया है और न ही खुशी जाहिर की है। उनकी चुप्पी को लेकर संगठन में लगातार बातचीत हो रही हैं। कार्यकर्ताओं के सामने भी यह सवाल खड़ा हो गया है कि वे अपने नेताओं की लाइन पर चलें या हाईकमान के फैसले को स्वीकार करते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं।
संतुलन बनाने की कोशिश पर उठे सवाल
कांग्रेस हाईकमान ने बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार समिति, मेनिफेस्टो कमेटी, चुनाव प्रबंधन और कोर कमेटी जैसी अहम जिम्मेदारियां देकर संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश की है। पार्टी का उद्देश्य जातीय समीकरणों को साधते हुए सभी नेताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट करना है। हालांकि यह फॉर्मूला सभी नेताओं को अच्छा नहीं लग रहा और कुछ नेता दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं।
पूर्व पदाधिकारी ने की फिर से विचार की मांग
पंजाब यूथ कांग्रेस के पूर्व महासचिव करणबीर सिंह रंधावा ने कहा है कि कांग्रेस हाईकमान को इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, पंजाब कांग्रेस के कई कार्यकर्ता इन नियुक्तियों से निराश हैं। उनका मानना है कि यदि पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना है तो जमीनी हकीकत के हिसाब से फैसले लेने होंगे।
कई नेताओं ने नहीं दिया कोई रिएक्शन
नई नियुक्तियों के बाद प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मंत्री विजइंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह ने ही हाईकमान का आभार जताया है। वहीं दूसरे बड़े नेताओं ने अभी तक कोई सार्वजनिक रिएक्शन नहीं दिया है। कुछ नेताओं का कहना है कि वे पहले फैसले की समीक्षा करेंगे।
नाराज नेताओं के एकजुट होने पर बात
प्रदेशाध्यक्ष बदलने की मांग करने वाले नेताओं में चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा गुरजीत, परगट सिंह, सुखपाल सिंह खैरा और भरत भूषण आशु जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की सलाह को प्राथमिकता देते हुए नेतृत्व में बदलाव नहीं किया। ऐसे में चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर बुलाई गई बैठक को पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी और आगे की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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