Noida Phase 2 Protest: नोएडा में वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर मजदूरों का गुस्सा मंगलवार को फिर उबल पड़ा। सेक्टर 70 में बड़ी संख्या में श्रमिक प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। इसके साथ ही सेक्टर 63, 64, 80 और 121 में भी तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं दर्ज की गईं।
प्रदर्शन और हिंसा
मंगलवार को नोएडा के कई क्षेत्रों में फैक्ट्री और कंपनियों के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन फैला। कपड़ा ट्रेडर्स के कर्मचारियों की हड़ताल के बाद यह आंदोलन अन्य उद्योगों तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया और कई वाहनों को नुकसान पहुँचाया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी और प्रदर्शनकारियों को समझाकर अपने घरों में लौटने के लिए कहा।
#WATCH उत्तर प्रदेश: सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद, आज नोएडा के फेज़ 2 में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और पत्थरबाज़ी की।
हालात को काबू में करने के लिए यहां पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया जा रहा है। pic.twitter.com/DKx1k8CyXm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 14, 2026
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि प्रदर्शन को भड़काने वाले तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 300 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे और गिरफ्तारी की संभावना है। राज्य सरकार ने इस मामले की गहन जांच के लिए एसटीएफ को सौंपी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसने हिंसा भड़काने की साजिश रची।
#WATCH नोएडा, उत्तर प्रदेश: नोएडा में मज़दूरों के विरोध पर CP गौतम बुद्ध नगर लक्ष्मी सिंह ने बताया, "…ऐसा पता चला है कि कोई एक ग्रुप है जो श्रमिकों को पीछे से उकसा रहा है। पीछे से बहुत व्यवस्थित तरीके से चीजों को आगे बढ़ा रहा है। पिछले कुछ दिनों में ऐसे बहुत से फर्जी ट्विटर और… pic.twitter.com/Ndz2JncPxE
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 14, 2026
सोशल मीडिया की भूमिका
जांच में यह सामने आया कि सोशल मीडिया पर चल रही कुछ अफवाहों और पोस्ट ने प्रदर्शन को हिंसक रूप दिया। इस संदर्भ में पुलिस ने 50 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट को चिन्हित कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी कदम और वेतन सुधार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मामले की समीक्षा के लिए हाई-पावर कमिटी गठित की गई थी। कमिटी की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया गया। इससे मजदूरों की सैलरी में वृद्धि हुई, लेकिन हालात को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और कंपनियों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया।
स्थिति पर नियंत्रण
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए हुए हैं।
Read More:

