देशभर में होने वाली NEET UG पुनर्परीक्षा 2026 को लेकर केंद्र सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान(Dharmendra Pradhan) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर सहयोग की अपील की है। इस पत्र में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था से लेकर छात्रों की सुविधाओं तक हर पहलू पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
शिक्षा मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस अहम परीक्षा को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए समय रहते सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं ताकि किसी भी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन विशेष रूप से सतर्क
इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क दिखाई दे रहा है। पिछले दिनों परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठे थे। ऐसे में सरकार अब कोई भी लापरवाही नहीं चाहती। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने परीक्षा केंद्रों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा है।
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षा केंद्रों पर साफ पेयजल, पर्याप्त पंखे और कूलर, स्वच्छ शौचालय, छायादार प्रतीक्षा स्थल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा परीक्षार्थियों के लिए यातायात और पहुंच संबंधी सुविधाओं पर भी ध्यान देने को कहा गया है ताकि दूर-दराज से आने वाले छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
3 मई को रद्द हुई थी परीक्षा
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET UG परीक्षा को विवादों के बाद रद्द कर दिया गया था। परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। अब यह पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार एडमिट कार्ड भी निर्धारित समय से पहले जारी कर दिए जाएंगे ताकि छात्र बिना किसी तनाव के परीक्षा की तैयारी कर सकें।
केंद्र सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी भी कर रही है। शिक्षा मंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा को कंप्यूटर आधारित यानी CBT मोड में आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा ‘NEET UG’
नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में इस परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और परीक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।