महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति में लगातार गर्माहट बनी हुई है और पक्ष-विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच किरण बेदी(Kiran Bedi) का बड़ा बयान सामने आया है। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश होने के बावजूद जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके बाद यह चर्चा और तेज हो गई।
प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की अपनी प्रतिक्रिया
किरण बेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक और संवैधानिक परिस्थितियों जैसे – जनसंख्या, आर्थिक विकास, जनगणना और परिसीमन से जुड़े जटिल मुद्दों को देखते हुए 2029 से पहले संसद में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू होना कठिन नजर आता है। उनके अनुसार, इसके लिए ऐसी सरकार की जरूरत होगी जिसके पास स्पष्ट दो-तिहाई बहुमत हो और जो सभी पहलुओं के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ सके।
I do not see any probability of one third reservation of seats for women before 2029 in the Parliament, in view of political complexities, such as, the
interplay between population, economic development, census and delimitation and also the restrictive constitutional…— Kiran Bedi (@thekiranbedi) April 18, 2026

