PM नरेंद्र मोदी ने रविवार को फ्रांस के नीस शहर में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कॉन्क्लेव के उद्घाटन से पहले प्रमुख वेंचर कैपिटलिस्ट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स और इनोवेशन इकोसिस्टम के लीडर्स के साथ बातचीत की। इस कॉन्क्लेव का मकसद ग्लोबल मंच पर भारत की बढ़ती डीप-टेक और स्टार्टअप क्षमताओं को दिखाना है। इस कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी शामिल हुए।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi with select Investors and Venture Capitalists, in Nice, France.
PM Narendra Modi and French President Emmanuel Macron will jointly inaugurate the 'Bharat Innovates' event, which will bring together top innovation startups and Venture Capital… pic.twitter.com/z6HJG6Wt65
— ANI (@ANI) June 14, 2026
पीएम ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स और एंटरप्रेन्योर्स से की मुलाकात
इस बातचीत के दौरान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने जिन लोगों से बातचीत की, उनमें रितेश अग्रवाल और रॉनी स्क्रूवाला के साथ-साथ कई ग्लोबल इन्वेस्टर्स और इनोवेशन इकोसिस्टम के लीडर्स शामिल थे।
‘भारत इनोवेट्स 2026’ में डीप-टेक क्षमताओं पर जोर
यह हाई-प्रोफाइल इवेंट भारत, फ्रांस और दुनिया भर के टॉप इनोवेशन स्टार्टअप्स को एक साथ लाता है। यह चल रहे ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ में एक अहम पड़ाव है और दोनों देशों के बीच बढ़ती टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को दिखाता है। पीएम मोदी शनिवार को नीस पहुंचे। उनकी फ्रांस यात्रा में एवियन और पेरिस में भी कार्यक्रम शामिल हैं, जिनका मकसद द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।
मोदी-मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बातचीत तय
‘भारत इनोवेट्स 2026’ कॉन्क्लेव में अपने संबोधन के बाद, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसमें फरवरी के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सहयोग के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
14 से 16 जून तक चलने वाला यह तीन दिवसीय कॉन्क्लेव भारतीय इनोवेटर्स को ग्लोबल इन्वेस्टर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और एकेडमिक संस्थानों से जोड़ने का एक मंच है।
120 से ज़्यादा भारतीय स्टार्टअप्स
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा संयुक्त रूप से इसकी शुरुआत भारत-फ्रांस संबंधों में इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। इस इवेंट में 120 से ज़्यादा भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स और IITs व रिसर्च संगठनों सहित 15 से ज़्यादा प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। कॉन्क्लेव में एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, स्पेस टेक्नोलॉजी, डिफेंस इनोवेशन, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और क्लाइमेट सॉल्यूशंस के क्षेत्र में इनोवेशन दिखाए जाएंगे।
टेक्नोलॉजी, जियोपॉलिटिक्स और G7 एजेंडा
नीस की इस यात्रा में दोनों नेताओं के बीच पहली द्विपक्षीय समिट भी शामिल है, क्योंकि इस साल की शुरुआत में ही उनके संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का दर्जा दिया गया था।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के अलावा, आपसी हित के बड़े जियोपॉलिटिकल मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। G7 समिट (इवियन में) और VivaTech समिट (पेरिस में) में शामिल होने के लिए फ्रांस लौटने से पहले, PM मोदी स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे।
G7 में ‘ग्लोबल साउथ’ का प्रतिनिधित्व करेगा भारत
G7 समिट में भारत की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, PM मोदी ने कहा कि भारत न सिर्फ़ अपने हितों का प्रतिनिधित्व करेगा, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ की उम्मीदों को भी आवाज़ देगा। प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस में अपनी यात्रा पूरी करेंगे, जहाँ वे यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इवेंट, VivaTech समिट में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ शामिल होंगे।
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