PM Modi Cabinet Meeting: PM मोदी पांच देशों की यात्रा से लौटने के तुरंत बाद एक्शन मोड में नजर आए। गुरुवार को दिल्ली पहुंचते ही उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें सरकार के कामकाज, मंत्रालयों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ संदेश दिया कि सरकार का पूरा फोकस वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर होना चाहिए।
मंत्रियों को दिया विकसित भारत का संदेश
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने सभी मंत्रालयों से सुधारों की गति तेज करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। पीएम ने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं में सरलता लाना जरूरी है ताकि आम लोगों की जिंदगी आसान हो सके।
ईज ऑफ लिविंग पर विशेष जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी लोगों के जीवन को आसान बनाने वाले कदमों पर विशेष फोकस किया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि कम समय में ज्यादा प्रभावी काम करने की दिशा में प्रयास बढ़ाए जाएं। साथ ही हर विभाग को प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने पर काम करने की सलाह दी गई।
नौ मंत्रालयों ने दी प्रेजेंटेशन
मंत्रिपरिषद की इस अहम बैठक में नौ मंत्रालयों की ओर से प्रेजेंटेशन दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्री S. जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया विदेश यात्रा और उससे भारत को मिलने वाले रणनीतिक व आर्थिक लाभों पर विस्तार से प्रस्तुति रखी। पीएम मोदी ने इन प्रस्तुतियों को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में जरुरी बताया।
मंत्रियों को दिए खास निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने और तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों, सुधारों और योजनाओं की जानकारी जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि जनता को यह बताया जाना चाहिए कि सरकार ने बीते वर्षों में किस तरह बदलाव लाने का काम किया है।
लंबित काम जल्द पूरा करने की सलाह
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सहयोगियों को साफ निर्देश दिए कि किसी भी मंत्रालय का काम लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब सरकार को भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर काम करना होगा। पीएम ने यह भी कहा कि अब समय पीछे मुड़कर देखने का नहीं, बल्कि आगे की योजनाओं और नए लक्ष्यों पर ध्यान देने का है।
विवादों से दूर रहने की नसीहत
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को अनावश्यक विवादों से दूर रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री अपने काम पर ध्यान दें और ऐसे मुद्दों से बचें जो सरकार की प्राथमिकताओं से ध्यान भटका सकते हैं। पीएम का यह संदेश आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
2047 के लक्ष्य पर केंद्रित सरकार
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से अब तक सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं, लेकिन अब 2026 के बाद भविष्य की योजनाओं पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि आने वाले वर्षों में ऐसे फैसले और सुधार किए जाएं जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करें।
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