मई 2025 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देशभर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पंजाब पुलिस की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है जिसमें दावा किया गया है कि 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पाकिस्तान से जुड़े 457 लोगों या संदिग्ध जासूसों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने की अहम कार्रवाई
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, राज्य पुलिस ने न सिर्फ खुद कार्रवाई की बल्कि कई अहम सूचनाएं अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी साझा कीं जिनके आधार पर आगे गिरफ्तारियां संभव हो सकीं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में 457 और मार्च 2026 तक 17 अतिरिक्त ऐसे लोगों की पहचान की गई जो सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे।
DGP ने कहा कि पंजाब ISI के प्रमुख टारगेट में शामिल रहा है, लेकिन समय रहते मिली खुफिया सूचनाओं के आधार पर कई बड़ी साजिशों को नाकाम कर दिया गया। इससे पहले ही संदिग्धों को पकड़ लिया गया, जिससे संवेदनशील जानकारियों के लीक होने से रोका जा सका।
समय रहते योजनाओं को किया नाकाम
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद ISI ने अपने नेटवर्क को और सक्रिय किया और पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों, सीमा पर तैनाती और रणनीतिक ठिकानों से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश तेज कर दी।
जांच में यह भी पाया गया कि नए लोगों को सोशल मीडिया, पैसों का लालच और हनी-ट्रैप जैसे तरीकों से फंसाने की कोशिश की गई। हवाला नेटवर्क और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पैसों का लेन-देन किया जा रहा था। कुछ मामलों में तो सेना और पुलिस ठिकानों के आसपास सोलर-पावर्ड CCTV कैमरे लगाने की योजना भी थी जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।