Noida International Airport: उत्तर प्रदेश के लिए 15 जून 2026 ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार से नियमित व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल यह एयरपोर्ट राज्य को वैश्विक विमानन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पहली उड़ान का शेड्यूल
एयरपोर्ट पर पहली निर्धारित फ्लाइट सुबह 7:05 बजे लखनऊ से पहुंचेगी। इसके बाद इंडिगो नोएडा से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित कॉमर्शियल उड़ान संचालित करेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से 6 मार्च 2026 को एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट अब पूर्ण रूप से संचालन के लिए तैयार हो गया है।
3300 एकड़ में विकसित परियोजना
1334 हेक्टेयर, लगभग 3300 एकड़, क्षेत्र में विकसित यह एयरपोर्ट देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उस दौरान उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में निवेश, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना बताया था।
पहले चरण में बड़ी क्षमता
एयरपोर्ट के पहले चरण में हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की गई है। यहां एक रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल भवन और आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। शुरुआती चरण में इंडिगो लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, चंडीगढ़ और अमृतसर सहित 16 से अधिक शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करेगी।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। योजना के अनुसार वर्ष 2031 तक इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 3 करोड़, 2036 तक 5 करोड़ और 2040 तक 22.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। अंतिम चरण में एयरपोर्ट पर पांच रनवे होंगे, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकेगा।
पश्चिमी यूपी और NCR को मिलेगा लाभ
यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के यात्रियों के लिए एक नए एविएशन गेटवे के रूप में काम करेगा। बेहतर हवाई संपर्क के साथ क्षेत्र में यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और निवेश का नया केंद्र
परियोजना से करीब एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर क्षेत्र आने वाले वर्षों में उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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