नासिक की एक निजी कॉर्पोरेट कंपनी में धर्मांतरण मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस केस की मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ तब आया, जब जांच के दौरान नारेगांव के नगर निगम पार्षद मतीन खान का नाम भी सामने आया। पुलिस ने मतीन खान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। इस घटनाक्रम के बाद छत्रपति संभाजीनगर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और AIMIM की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
TCS कंपनी में धर्मांतरण के आरोप
पुलिस के मुताबिक, नासिक स्थित TCS कंपनी में कुछ कर्मचारियों पर दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें निदा खान की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कई स्तरों पर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं हो सकता और इसके पीछे संगठित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
अदालत ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान ने नासिक सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। हालांकि अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. डी. जोशी ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच गंभीर और बहुआयामी है और सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। बताया जा रहा है कि निदा खान लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रही थी।
निगरानी के बाद पुलिस ने दबोचा
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर छत्रपति संभाजीनगर में जाल बिछाया और आखिरकार निदा खान को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में मामले से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। मामले में नगर निगम पार्षद मतीन खान का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने निदा खान की मदद की और अवैध गतिविधियों में सहयोग दिया।
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