NEET UG 2026 Re-Exam: NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने, उसकी मॉडरेशन करने और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने वाले विशेषज्ञों को एक गुप्त और अत्यधिक सुरक्षित स्थान पर सख्त निगरानी के बीच रखा गया है। यह व्यवस्था परीक्षा पूरी होने तक जारी रहेगी।
पेपर सेटर बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे
सुरक्षा के तहत पेपर सेटर, मॉडरेटर और ट्रांसलेटर किसी भी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं कर सकेंगे। उन्हें एक तरह के ‘लॉकडाउन’ में रखा गया है, जहां न तो वे किसी से मिल सकेंगे और न ही किसी प्रकार से लोगों से बातचीत कर पाएंगे। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मोबाइल, इंटरनेट और स्मार्टवॉच तक बैन
अधिकारियों के अनुसार, इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में विभाजित किया गया है। गुप्त सुविधा केंद्र में मौजूद सभी विशेषज्ञों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य संचार उपकरणों के उपयोग पर पूरी तरह बैन लगाया गया है। इंटरनेट एक्सेस भी कंट्रोल किया गया है। यहां तक कि स्मार्टवॉच जैसे उपकरणों को भी परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं है ताकि किसी भी प्रकार की सूचना लीक होने की संभावना समाप्त की जा सके।
हर गतिविधि पर रखी जा रही नजर
सुरक्षा घेरे के भीतर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निगरानी की जा रही है। उनकी एंट्री और मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है। केवल जरुरी अधिकारियों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इससे प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को बाहरी हस्तक्षेप से पूरी तरह सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।
पूरी प्रक्रिया को किया गया ‘कंपार्टमेंटलाइज्ड’
सूत्रों के मुताबिक, इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसकी छपाई, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण तक की पूरी व्यवस्था को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरी प्रक्रिया की जानकारी न हो। इससे गोपनीयता और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकेगा।
वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल पर विचार
परीक्षा को सुरक्षित तरीके से अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए सरकार भारतीय वायुसेना के विमानों की मदद लेने पर भी विचार कर रही है। यदि यह योजना लागू होती है तो प्रश्नपत्रों के परिवहन की सुरक्षा पहले की तुलना में और अधिक मजबूत हो जाएगी।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
डिजिटल स्तर पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न ऑनलाइन फोरम पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य फर्जी प्रश्नपत्रों, अफवाहों और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पहचानकर रोकना है।
शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सामने आई सभी खामियों को दूर किया जाए। मंत्रालय चाहता है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया पर किसी प्रकार का सवाल न उठे और उम्मीदवारों का भरोसा पूरी तरह बहाल हो।
22 लाख से अधिक छात्रों पर टिकी नजर
मई में आयोजित परीक्षा रद्द होने के बाद 22 लाख से अधिक उम्मीदवार दोबारा परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और NTA पर निष्पक्ष एवं सुरक्षित परीक्षा कराने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक कड़ा बनाया गया है।
21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। NTA का दावा है कि इस बार सुरक्षा और गोपनीयता के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि परीक्षा निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से संपन्न हो सके।
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