अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब तेज हो गई है। अयोध्या की अदालत ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडे की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर गई है।
ठिकानों पर ले जाकर की जाएगी जांच
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों को उनके ठिकानों पर भी ले जाया जाएगा। जांच एजेंसियां कथित गबन से जुड़े सामान और सबूतों की बरामदगी करेंगी। विशेष रूप से अनुकल्प मिश्रा की हाल ही में खरीदी गई संपत्तियां जांच के दायरे में हैं। पुलिस उसके नए मकान और वाहन के संबंध में पूछताछ करेगी और जरूरत पड़ने पर तलाशी भी ले सकती है।
SIT की रिपोर्ट में छह लोगों पर शक
मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में छह लोगों के शामिल होने की शंका है। रिपोर्ट में अवनीश शुक्ला, अनुज कुमार मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, कृष्णम पांडेय और रामशंकर मिश्रा के नाम शामिल हैं। SIT के अनुसार, संबंधित लोगों ने अपने-अपने काम में लापरवाही बरती। रिपोर्ट में कहा गया है कि कमियों की जानकारी होने के बावजूद समय रहते जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिससे गड़बड़ियों को रोकने में विफलता रही।
CCTV फुटेज में चोरी के संकेत
जांच के दौरान CCTV फुटेज का विश्लेषण किया गया। ट्रस्ट ने SIT को बताया कि CCTV सिस्टम की स्टोरेज क्षमता सीमित होने के कारण फुटेज एक समय के बाद डिलीट हो जाती थी। इसी वजह से जांच के लिए सीमित रिकॉर्डिंग ही उपलब्ध हो सकी। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में कुछ कर्मचारियों को नोटों की गड्डियों से खुले नोट निकालकर उन्हें कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया। कुछ कर्मचारी इशारों के जरिए एक-दूसरे को सतर्क करते भी नजर आए।
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