पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा संवैधानिक संकट तब खड़ा हो गया, जब राज्यपाल आर.एन. रवि ने अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफ़ा देने से इनकार करने के बीच, राज्यपाल ने अपनी संवैधानिक वीटो शक्ति का प्रयोग करते हुए राज्य विधानसभा को भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी। यह ऐतिहासिक निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत लिया गया। राज्यपाल के निर्देश पर मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला द्वारा जारी इस आदेश के बाद, राज्य सरकार का अस्तित्व प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है। राज्यपाल के इस कड़े कदम से बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मच गई है, जिसके परिणामस्वरूप मंत्रिमंडल और विधानसभा, दोनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
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