पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल के नाम का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने 7.80 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। आरोपियों ने नरेश गुजराल की तस्वीर लगाकर फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाई और उनकी कंपनी के एक कर्मचारी को पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश भेज दिए। मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की साइबर सेल हरकत में आई और करीब चार करोड़ रुपये फ्रीज करा दिए गए।
कंपनी की वित्तीय टीम को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने नरेश गुजराल की कंपनी की फाइनेंस टीम को निशाना बनाया। उन्होंने नरेश गुजराल की फोटो लगी व्हाट्सएप प्रोफाइल से एक भरोसेमंद कर्मचारी को संदेश भेजा और आरटीजीएस (RTGS) के जरिए एक बैंक खाते में रकम भेजने का निर्देश दिया। कर्मचारी ने निर्देश को असली मानते हुए बताए गए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।
बेटी को जानकारी मिलने पर खुला मामला
16 जून 2026 को यह मामला तब सामने आया, जब कर्मचारी ने इस ट्रांजेक्शन की जानकारी नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल को दी। उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत अपने पिता से संपर्क किया। नरेश गुजराल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी प्रकार का कोई निर्देश नहीं दिया था और उन्हें इस लेनदेन की कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद परिवार और कंपनी के अधिकारियों को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
बैंक ने पुष्टि के लिए किया था फोन
नरेश गुजराल के मुताबिक, रकम ट्रांसफर होने से पहले बैंक की ओर से कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) से संपर्क कर लेनदेन की पुष्टि भी की गई थी। लेकिन उन्हें लगा कि निर्देश वास्तव में नरेश गुजराल की ओर से दिए गए हैं, इसलिए उन्होंने भुगतान की मंजूरी दे दी। बाद में पता चला कि पूरा मामला फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल के जरिए रची गई साइबर धोखाधड़ी का था।
दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने कार्रवाई शुरू की। एजेंसियों की तत्परता से ठगी की गई रकम में से करीब चार करोड़ रुपये को विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करा दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पैसे किन खातों में भेजे गए और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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