HomeBreaking Newsपहली बार किम जोंग उन को नहीं मिला 100% वोट, 0.07% लोगों...

पहली बार किम जोंग उन को नहीं मिला 100% वोट, 0.07% लोगों ने विरोध में किया मतदान

उत्तर कोरिया में हुए 2026 के संसदीय चुनावों में किम जोंग उन की पार्टी वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया और उसके सहयोगी दलों ने एक बार फिर भारी जीत दर्ज की है। सरकारी मीडिया के अनुसार चुनाव में लगभग 100 प्रतिशत मतदान हुआ और लगभग सभी वोट नामांकित उम्मीदवारों के पक्ष में पड़े।

99.99% हुए मतदान

उत्तर कोरिया की स्टेट मीडिया के मुताबिक 15 मार्च को हुए मतदान में 99.99 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इनमें से 99.93 प्रतिशत वोट नामांकित उम्मीदवारों के पक्ष में पड़े, जबकि केवल 0.07 प्रतिशत वोट विरोध में दर्ज किए गए। इन नतीजों के साथ ही देश की संसद सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की सभी 687 सीटें सत्ताधारी गठबंधन के पास चली गईं। यह चुनाव 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के प्रतिनिधियों को चुनने के लिए कराया गया था।

जल्द होगी नई असेंबली की पहली बैठक

चुनाव परिणामों के बाद प्योंगयांग में नई असेंबली की पहली बैठक जल्द आयोजित होने वाली है। इस बैठक में देश के शीर्ष नेतृत्व का चयन किया जाएगा और सोशलिस्ट संविधान में संशोधन पर भी चर्चा होगी। जानकारी के  अनुसार बैठक में स्टेट अफेयर्स कमीशन के अध्यक्ष का चुनाव भी होगा, जिसमें किम जोंग उन के फिर से इस पद पर चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।

दक्षिण कोरिया पर नीति में बदलाव संभव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में दक्षिण कोरिया के प्रति उत्तर कोरिया की सख्त नीति को आधिकारिक रूप से संविधान में शामिल किया जा सकता है। इसके तहत दोनों देशों को एक-दूसरे के लिए शत्रु राष्ट्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

असेंबली में 70% नए चेहरे

इस बार चुनाव के बाद असेंबली की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब 70 प्रतिशत से अधिक नए प्रतिनिधि चुने गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इससे किम जोंग उन अपने नेतृत्व को और मजबूत करना चाहते हैं। नई सूची में किम के करीबी सहयोगी जो योंग-वॉन शामिल हैं, जिन्हें असेंबली की स्टैंडिंग कमिटी का चेयरमैन बनाया जा सकता है। वहीं किम की बहन किम यो-जोंग और विदेश मंत्री चोए सोन-हुई भी नई असेंबली की सदस्य चुनी गई हैं।

चुनाव प्रक्रिया पर उठते रहे हैं सवाल

उत्तर कोरिया में चुनावों को अक्सर औपचारिक प्रक्रिया माना जाता है। यहां आमतौर पर एक ही उम्मीदवार के पक्ष में मतदान होता है और मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं मानी जाती। हालांकि इस बार 0.07 प्रतिशत विरोधी वोट दर्ज होने को सरकारी मीडिया ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दिखाने के लिए भी हो सकता है कि लोगों को विरोध का अधिकार है।

Read More

19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि, कल सुबह इस समय करें घटस्थापना, जानें शुभ मुहूर्त, विशेष योग और पूजा विधि

Ram Janam Chauhan
Ram Janam Chauhanhttp://mhone.in
राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments