West Bengal में SIR पर दावे-आपत्तियों की तारीख खत्म, समय-सीमा को लेकर मतदाताओं के बीच असमंजस
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावों और आपत्तियों की सुनवाई की तय समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावों और आपत्तियों की सुनवाई की तय समय-सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन कई इलाकों में प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हो सकी है। राज्य के तीन निर्वाचन जिलों की करीब 15 विधानसभा सीटों पर सुनवाई लंबित रहने से समय-सीमा बढ़ाए जाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
CEO मनोज कुमार ने मांगा अतिरिक्त समय
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग से सुनवाई प्रक्रिया के लिए सात दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। हालांकि, कोलकाता स्थित सीईओ कार्यालय को अभी तक नई दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय से इस पर कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है।
समय-सीमा बढ़ने पर संशय
सीईओ कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार भ्रम की स्थिति दो कारणों से बनी है।
- पहला, अगर समय-सीमा बढ़ाई जाती है तो नई अंतिम तारीख क्या तय होगी।
- दूसरा, यह विस्तार केवल उन्हीं 15 विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित रहेगा, जहां सुनवाई पूरी नहीं हो पाई है या फिर पूरे राज्य के लिए समय-सीमा बढ़ेगी।
हट सकते हैं 4 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम
इस बीच एक अहम जानकारी सामने आई है कि 4 लाख से अधिक ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। ये वे लोग हैं जो दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद उपस्थित नहीं हुए।
अंतिम सूची के बाद चुनाव आयोग का दौरा
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद चुनाव आयोग का पूर्ण पीठ पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा। इस दौरान राज्य के राजनीतिक और चुनावी हालात का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
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