पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रस्तावित यूरोप दौरे को आखिरकार विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी मिल गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से क्लीयरेंस मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का चेक गणराज्य और नीदरलैंड्स का आधिकारिक दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
पहले तीन बार नहीं मिली थी अनुमति
यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इससे पहले भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को विदेश यात्राओं के लिए राजनीतिक क्लीयरेंस नहीं मिल पाया था। जनवरी में प्रस्तावित यूनाइटेड किंगडम और इजराइल दौरा रद्द करना पड़ा था। इससे पहले पेरिस ओलंपिक्स के दौरान फ्रांस यात्रा का अनुरोध भी स्वीकृत नहीं हुआ था।
प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी भी मुख्यमंत्री को आधिकारिक विदेशी दौरे के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेनी होती है।
निवेश आकर्षित करना मुख्य उद्देश्य
प्रस्तावित यूरोप दौरे का मुख्य उद्देश्य पंजाब में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और संभावित विदेशी निवेशकों से संवाद करना है। राज्य सरकार आगामी इन्वेस्टर्स समिट से पहले वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
केंद्र-राज्य संबंधों पर चर्चा
पूर्व में अनुमति न मिलने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष शासित राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया था। हालांकि अब क्लीयरेंस मिलने के बाद सरकार इसे सकारात्मक संकेत मान रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मंजूरी मिलने से पंजाब को निवेश मिलने की संभावना बढ़ गई है।