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देवशयनी एकादशी से सो जाएंगे सृष्टि के पालनहार! थम जाएंगे शादी-जनेऊ जैसे सब मांगलिक काम… जानिए फिर कब शुरू होंगी शुभ तिथियां?

Chaturmas 2026 Devshayani Ekadashi 2026: संयम-समर्पण, भक्ति-भजन, आत्म-शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति को समर्पित चातुर्मास की शुरुआत इस साल देवशयनी एकादशी के बाद 25 जुलाई 2026 से होगी। यह चार माह का पवित्र काल 21 नवंबर 2026 को देवउठनी एकादशी के दिन समाप्त होगा। इस अवधि में विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश समेत सभी प्रमुख मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।

क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ काम को करने से पहले देवताओं, विशेष रूप से भगवान विष्णु का आशीर्वाद लेना जरुरी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन श्रीहरि चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण इस दौरान विवाह, उपनयन और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों को करना शुभ नहीं माना जाता है और धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े कामों को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

12 जुलाई के बाद नहीं होगा कोई मांगलिक काम

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 12 जुलाई 2026 के बाद विवाह, जनेऊ संस्कार और दूसरे मांगलिक कामों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहेंगे। ऐसे में जिन परिवारों में इन आयोजनों की तैयारी चल रही है, उन्हें चातुर्मास खत्म होने तक इंतजार करना होगा।

विवाह के लिए कब मिलेंगे शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास खत्म होने के बाद 22 नवंबर 2026 से विवाह के शुभ मुहूर्त फिर शुरू होंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 22 नवंबर 2026 से 7 जुलाई 2027 तक विवाह के कुल 63 शुभ मुहूर्त रहेंगे। वर्ष 2026 में नवंबर की 22, 25, 26 और 30 तारीख और दिसंबर की 4, 6, 9, 10, 11 और 14 तारीख शादी के लिए शुभ मानी गई हैं।

जनेऊ संस्कार के लिए कब बनेगा संयोग?

जनेऊ संस्कार के लिए इस साल 12 जुलाई के बाद कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं रहेगा। अब इसके लिए अगले साल 9 फरवरी 2027 से शुभ संयोग बनेंगे। इसके बाद मार्च, अप्रैल, मई और जुलाई तक जनेऊ संस्कार के लिए कई अच्छे मुहूर्त रहेंगे।

चातुर्मास का धार्मिक महत्व

चातुर्मास को सनातन परंपरा में साधना, पूजा-पाठ, व्रत, दान और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना, धार्मिक अनुष्ठान और सेवा कामों में ज्यादा समय देते हैं। मान्यता है कि चातुर्मास खत्म होने और देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु के जागने के बाद ही सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की दोबारा शुरुआत होती है।

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Disclaimer: खबर में दी गई बातें ज्योतिषीय मान्यताओं और शास्त्रों पर आधारित हैं। mhone News व्यक्तिगत रूप से इसका समर्थन नहीं करता है और न ही किसी घटना या लाभ-हानि की जिम्मेदारी लेता है।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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