चारधाम यात्रा(Char Dham Yatra) को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। अब तक 899 वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और आने वाले समय में इसके लिए आवेदनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विभाग ने साफ कर दिया है कि केवल वही वाहन यात्रा के लिए अनुमति पाएंगे, जो तय तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह पूरा करेंगे।
ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले सख्ती
ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले हर वाहन की सख्ती से जांच की जा रही है। इसमें फिटनेस, ब्रेक सिस्टम, लाइट, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसे जरूरी पहलुओं को ध्यान से परखा जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वाहन पहाड़ी रास्तों के अनुरूप हों, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की तकनीकी दिक्कत या दुर्घटना की संभावना कम हो सके।
विभाग का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन तेजी से बढ़ेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त टीमें और काउंटर लगाए जा रहे हैं, जिससे चालकों को समय पर ग्रीन कार्ड मिल सके और किसी तरह की देरी न हो। फिलहाल विभाग पूरी तरह सतर्क मोड में काम कर रहा है और हर आवेदन की बारीकी से जांच की जा रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बनाई गई विशेष रणनीति
दूसरी ओर, यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई गई है। वीकेंड पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए नया ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत मंगलौर-रुड़की मार्ग पर अब्दुल कलाम चौक के पास भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी, ताकि जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
प्रशासन का मानना है कि इन उपायों से सड़क हादसों में कमी आएगी और यात्रा मार्गों पर यातायात अधिक सुचारू रहेगा। कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा से पहले की जा रही ये तैयारियां यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।