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ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की तैयारी में अमेरिका! तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की तैयारी तेज

ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी नौसैनिक मौजूदगी और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी नौसेना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने पर विचार कर रही है, जिसमें USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (CVN-77) को क्षेत्र में भेजा जा सकता है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

पहले से मौजूद हैं दो बड़े कैरियर

अमेरिकी नौसेना का USS अब्राहम लिंकन फिलहाल अरब सागर में मौजूद है, जबकि USS गेराल्ड आर. फोर्ड रेड सी में तैनात बताया जा रहा है। इस बीच USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने हाल ही में अटलांटिक महासागर में अपनी अंतिम तैनाती पूर्व सैन्य अभ्यास (COMPTUEX) पूरा किया है। यह अभ्यास 5 मार्च 2026 को समाप्त हुआ, जिसके बाद यह कैरियर ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के लिए तैयार माना जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इसे जल्द ही पूर्वी भूमध्य सागर या मध्य पूर्व की ओर भेजा जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो इस इलाके में एक साथ तीन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सक्रिय हो जाएंगे, जो हाल के वर्षों में बेहद कम देखने को मिला है। इसे ईरान पर रणनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश की प्रमुख विशेषताएं

USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश अमेरिकी नौसेना के निमित्ज़ क्लास का दसवां और अंतिम परमाणु ऊर्जा से संचालित सुपरकैरियर है। इसका नाम अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश के सम्मान में रखा गया है। इस जहाज की लंबाई करीब 1,092 फीट (लगभग 333 मीटर) है, जबकि फ्लाइट डेक की चौड़ाई लगभग 252 फीट (करीब 77 मीटर) है। इसका वजन लगभग 1,02,000 टन है। इसमें दो A4W न्यूक्लियर रिएक्टर लगे हैं, जिनकी मदद से यह लंबे समय तक बिना ईंधन भरे संचालन कर सकता है और लगभग 56 किमी प्रति घंटा की गति हासिल कर सकता है।

तैनाती से क्या बदल सकता है समीकरण

अगर तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी क्षेत्र में पहुंचता है तो अमेरिका को बड़े पैमाने पर हवाई ऑपरेशन चलाने की क्षमता मिल जाएगी। हर कैरियर से रोजाना बड़ी संख्या में लड़ाकू उड़ानें भरी जा सकती हैं, जिससे ईरान के मिसाइल ठिकानों, नौसैनिक संसाधनों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना आसान होगा। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह कदम एक तरफ सैन्य दबाव बढ़ाने का संकेत है, तो दूसरी ओर ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की रणनीति भी हो सकता है।

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Ram Janam Chauhan
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राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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