UP News : इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में आरोपी बिल्डर की CJM कोर्ट में पेशी, 27 जनवरी तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में CJM कोर्ट ने आरोपी बिल्डर अभय को 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में CJM कोर्ट ने आरोपी बिल्डर अभय को 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
कोर्ट ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गंभीर लापरवाही को लेकर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि लापरवाही किस स्तर पर हुई। अदालत ने सवाल उठाया कि यदि नाली टूटी हुई थी तो उसका जिम्मेदार कौन है और अगर बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी, तो इसकी जवाबदेही किसकी है।
कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब इस समस्या को लेकर पहले से शिकायतें की जा रही थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इन सभी बिंदुओं को जांच का अहम हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
SIT ने शुरू की जांच
इस गंभीर हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने जांच शुरू कर दी है। SIT ने नोएडा प्राधिकरण का दौरा कर दस्तावेजों की जांच की और अब घटनास्थल का मुआयना करने के लिए रवाना हो गई है।
डूबने के कारण गई जान
बताया गया कि भारी बारिश और जलभराव के दौरान युवराज मेहता की कार सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे या अंडरपास में फंस गई थी। कार सहित डूबने से उनकी मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दायरे में प्रशासनिक व्यवस्थाएं
SIT की जांच में जल निकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों और बैरिकेडिंग की स्थिति, साथ ही आपातकालीन सिस्टम की कार्यक्षमता की भी पड़ताल की जाएगी।
दम घुटने से मौत होने की पुष्टि
हादसे के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवराज मेहता की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, उनके फेफड़ों में करीब साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ पाया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि वे लंबे समय तक पानी में डूबे रहे। डॉक्टरों ने बताया कि फेफड़ों में ज्यादा पानी भर जाने से ऑक्सीजन की कमी हुई, जिससे दम घुटने की स्थिति बनी। इसके साथ ही शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने से हार्ट फेलियर हुआ, जिसे मौत का तत्काल कारण माना गया है।
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