Rajasthan : चौमूं हिंसा के बाद प्रशासन का सख्त एक्शन, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
पिछले दिनों चौमूं में मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक हो गया और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी थीं।
राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं में हाल ही में हुई हिंसा के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के करीब एक हफ्ते बाद नगर परिषद और जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मस्जिद के बाहर रेलिंग को लेकर हुआ था विवाद
पिछले दिनों चौमूं में मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक हो गया और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी थीं।
पथराव में घायल हुए पुलिसकर्मी, छोड़े गए आंसू गैस के गोले
प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई पथराव की घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हिंसा के बाद इलाके में चार से अधिक थानों की पुलिस और आरएसी की एक कंपनी तैनात की गई थी।
पत्थरबाजों के घरों पर चस्पा किए गए थे नोटिस
हिंसा के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 24 पत्थरबाजों के घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। इन नोटिसों में तीन दिन के भीतर जवाब देने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस की समय सीमा 31 दिसंबर को पूरी हो गई।
नोटिस की मियाद खत्म होते ही बुलडोजर एक्शन
नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और वैध दस्तावेज पेश न किए जाने के बाद नगर परिषद की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी। चौमूं की पठान कॉलोनी में अवैध निर्माण को बुलडोजर की मदद से हटाया जा रहा है। इससे पहले 29 दिसंबर को 20 अवैध बूचड़खानों और 4 अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किए गए थे।
110 लोग डिटेन, 19 की गिरफ्तारी
पूरे मामले में पुलिस ने अब तक करीब 110 लोगों को डिटेन किया है। इनमें से 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान 15 अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
6 पुलिसकर्मी हुए थे गंभीर रूप से घायल
उपद्रवियों की ओर से की गई पत्थरबाजी में 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध निर्माण और हिंसा में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। चौमूं में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन पुलिस बल की तैनाती बरकरार रखी गई है।
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