Punjab : निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का होगा एडमिशन, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया आदेश
पंजाब के प्राइवेट स्कूलों में अब गरीब बच्चों के दाखिले का रास्ता खुल गया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के तहत एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पंजाब के प्राइवेट स्कूलों में अब गरीब बच्चों के दाखिले का रास्ता खुल गया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के तहत एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने सभी प्राइवेट स्कूलों को 12 जनवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
गरीब बच्चों का होगा एडमिशन
शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी प्राइवेट स्कूल अपने स्कूलों का रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट पर करवाएं। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद विभाग गरीब बच्चों को उनके नजदीकी स्कूलों में एडमिशन दिलवाएगा। RTE एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाती हैं। विभाग ने यह भी बताया कि इन बच्चों का नामांकन शिक्षा विभाग की सिफारिश से ही किया जाएगा ताकि उनका पूरा रिकॉर्ड और सुविधाएं विभाग के पास सुरक्षित रहें।
पिछले सत्र में खाली रहीं 25% सीटें
मार्च 2025 में हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को 25% सीटें खाली रखने के निर्देश दिए थे। स्कूलों ने सीटें तो आरक्षित रखीं, लेकिन शिक्षा विभाग ने किसी भी बच्चे का दाखिला नहीं करवाया, जिसके चलते ये सीटें खाली रह गईं। राज्य में 7,806 प्राइवेट स्कूल हैं। अनुमान के अनुसार, कम से कम 1 लाख गरीब बच्चे एडमिशन से वंचित रह गए। कई स्कूलों में एंट्री लेवल पर 4-5 सेक्शन होते हैं, जिनमें दर्जनों सीटें खाली पड़ी रहीं।
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने दी जानकारी
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी) गुरदीप सिंह सोढ़ी ने बताया कि सभी स्कूलों को 12 जनवरी तक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद RTE के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन के दौरान स्कूलों को देनी होंगी ये जानकारियां
- स्कूल का प्रकार (छात्र / छात्रा / को-एजुकेशनल)
- पढ़ाई का माध्यम (पंजाबी / अंग्रेजी / हिंदी)
- स्कूल का स्तर (प्राइमरी / अपर प्राइमरी / सेकेंडरी / सीनियर सेकेंडरी)
- RTE के तहत एंट्री क्लास कौन सी है
- एंट्री क्लास में कुल सीटों की संख्या
- सालाना फीस का विवरण
- स्कूल का पूरा पता और लोकेशन
- विभाग या बोर्ड से एफिलिएशन नंबर
- मान्यता मिलने का वर्ष
- पिन कोड
- प्रिंसिपल / हेडमास्टर का नाम
- संपर्क नंबर (लैंडलाइन या मोबाइल)
- स्कूल की वेबसाइट
- गरीब बच्चों को मिलेगा शिक्षा का अधिकार
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