Punjab : शायराना अंदाज में नवजोत सिंह सिद्धू ने विरोधियों पर साधा निशाना, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में अपने चुटकीले अंदाज के लिए जाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी शायरी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। लेकिन इस बार उनकी ये शायरी कुछ अलग और हटके लगी। जिसको लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में अपने चुटकीले अंदाज के लिए जाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी शायरी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। लेकिन इस बार उनकी ये शायरी कुछ अलग और हटके लगी। जिसको लेकर सियासी गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बेबाक शायरी और मज़ाकिया अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उनका लहजा पहले से कहीं ज्यादा सख्त और तल्ख नजर आया है। हाल ही में साझा की गई उनकी एक शायरी ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है और इसे विरोधियों पर सीधा वार माना जा रहा है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने यह शायरी सोशल मीडिया के जरिए सामने रखी है, जिसे खबर लिखे जाने तक 10,563 से ज्यादा लोग पसंद कर चुके हैं। वीडियो में सिद्धू कहते हैं-
“आग लगाने वाले को क्या खबर,
रुख हवाओं ने बदला, खाक वो भी हो गए।
अब बात रुतबे की है, चाल भी बढ़ी…
और खेल भी खत्म।”
सियासी संकेतों पर बढ़ी हलचल
इस शायरी के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारों का मानना है कि इन पंक्तियों के जरिए सिद्धू ने अपने राजनीतिक विरोधियों को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। शेर में सत्ता, ताकत और वक्त के बदलते मिजाज की झलक साफ दिखाई देती है। हाल के समय में सिद्धू राजनीति में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं और उनके बयान पहले के मुकाबले ज्यादा आक्रामक होते दिख रहे हैं।
उनकी यह शायरी भी उसी बदले हुए तेवर की ओर इशारा करती है। समर्थकों का कहना है कि सिद्धू सच्चाई को शायरी के माध्यम से सामने रख रहे हैं, वहीं विरोधियों का आरोप है कि यह राजनीतिक तंज कसने और दबाव बनाने की रणनीति है। कुल मिलाकर, सिद्धू की यह शायरी केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि इसके पीछे सियासी संदेश छिपा होने की चर्चा ज़ोरों पर है।
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