Uttarakhand : केदारनाथ भक्तों को मिला सर्दियों का गिफ्ट, सोनप्रयाग से चौमासी तक बनेगी 7 कीमी लंबी टनल…
केदारघाटी के कठिन, संकरे और जोखिम भरे रास्तों से निजात दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने सोनप्रयाग से चौमासी के बीच लगभग 7 किलोमीटर लंबी आधुनिक सुरंग के निर्माण को स्वीकृति दे दी है।
बाबा केदारनाथ के दर्शन का सपना देखने वाले देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केदारघाटी के कठिन, संकरे और जोखिम भरे रास्तों से निजात दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने सोनप्रयाग से चौमासी के बीच लगभग 7 किलोमीटर लंबी आधुनिक सुरंग के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। यह परियोजना न केवल यात्रा को तेज बनाएगी, बल्कि खराब मौसम के दौरान भी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
घंटों की दूरी अब मिनटों में
अब तक केदारनाथ यात्रा के दौरान भूस्खलन, ट्रैफिक जाम और पहाड़ी रास्तों के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। प्रस्तावित सोनप्रयाग–चौमासी टनल के बनने से यह लंबा और कठिन सफर कुछ ही मिनटों में तय किया जा सकेगा। इससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी।
बारिश के मौसम में केदारघाटी का सफर हमेशा जोखिम भरा रहा है। पहाड़ों से गिरता मलबा और बंद होते रास्ते यात्रियों की चिंता बढ़ा देते थे। नई सुरंग इन सभी खतरों से बचाते हुए एक ऑल-वेदर रूट उपलब्ध कराएगी, जिससे भूस्खलन और अचानक लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा।
चौमासी मार्ग बनेगा नया विकल्प
फिलहाल सोनप्रयाग केदारनाथ यात्रा का प्रमुख पड़ाव है, जहां सीजन के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। चौमासी की ओर से बनने वाली टनल से यात्रा के लिए एक वैकल्पिक और तेज मार्ग मिलेगा। इससे न केवल भीड़ का दबाव कम होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा पर पूरा फोकस
हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरंग का निर्माण अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों से किया जाएगा। इसमें बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम, आपातकालीन निकास, आधुनिक लाइटिंग और सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
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