Punjab : पटियाला की नाभा जेल से विक्रम सिंह मजीठिया की हुई रिहाई, सात महीने बाद जेल से आए बाहर
सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया को पटियाला की नाभा जेल से रिहा कर दिया गया है। वह आय से अधिक संपत्ति के मामले में सात महीने से हिरासत में थे।
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया मंगलवार को नई नाभा जेल से रिहा होकर बाह आ गए हैं। उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ही ज़मानत दी गई है।आपको बता दें कि, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया को पिछले साल 25 जून को उनके अमृतसर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने कथित तौर पर 540 करोड़ रुपये के ड्रग्स के धन की मनी लॉन्ड्रिंग की।
रिहाईपर पत्नी ने क्या कहा ?
जेल से रिहाई के समय मजीठिया के समर्थक जेल के बाहर जमा हुए और उनके स्वागत में नारे लगाते हुए फूलों की बारिश की। इस अवसर पर उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया भी मौजूद थीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह सच्चाई की जीत है। सरकार भूल गई थी कि ऊपर भगवान भी है।"
जेल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और ढोल की थाप पर नृत्य करते हुए खुशी का इज़हार किया। अमृतसर में उनके घर के बाहर भी भारी संख्या में लोग जमा हुए और उन्होंने SAD के समर्थन में नारे लगाए।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं मजीठिया
मजीठिया, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के बहनोई और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। उनकी ज़मानत सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने सोमवार को दी, जबकि वह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के 4 दिसंबर के आदेश को चुनौती दे रहे थे, जिसने पहले उन्हें ज़मानत देने से इनकार किया था।
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