Punjab : ‘पद का सही उपयोग ही सच्ची भक्ति…’ , प्रेमानंद जी महाराज ने नवजोत कौर सिद्धू को दी सीख

पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने वृंदावन पहुंचकर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की।

Jan 30, 2026 - 11:04
Jan 30, 2026 - 11:04
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Punjab : ‘पद का सही उपयोग ही सच्ची भक्ति…’ , प्रेमानंद जी महाराज ने नवजोत कौर सिद्धू को दी सीख

पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने वृंदावन पहुंचकर प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस आध्यात्मिक भेंट के दौरान नवजोत कौर सिद्धू ने समाज सेवा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न संत के समक्ष रखा।

समाज सेवा को लेकर किया सवाल

नवजोत कौर सिद्धू ने संत प्रेमानंद महाराज से पूछा कि वह समाज सेवा में सक्रिय हैं, ऐसे में स्वयं में कौन-से सुधार किए जाएं ताकि समाज के लिए और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके। उनके इस प्रश्न पर संत प्रेमानंद महाराज ने जीवन और सेवा से जुड़ी गहन सीख दी।

पद और अधिकार सेवा के लिए होते हैं: प्रेमानंद महाराज

संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि भक्ति के लिए अलग से माला लेकर बैठा जाए। यदि किसी व्यक्ति को समाज में कोई पद या जिम्मेदारी मिली है और उसका ईमानदारी से उपयोग जनकल्याण के लिए किया जाता है, तो वही सच्ची भक्ति है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पद का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सुख नहीं, बल्कि समाज के कष्टों को दूर करना होना चाहिए।

लोकप्रिय नहीं, समाजप्रिय बनना जरूरी

महाराज ने कहा कि समाज में प्रसिद्ध होने से पहले समाजप्रिय बनना अधिक महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति निष्काम भाव से समाज की सेवा करता है, उस पर ईश्वर की कृपा स्वतः होती है। सेवा भावना से किया गया कार्य व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से भी ऊंचा उठाता है।

संत प्रेमानंद महाराज ने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे कोई व्यक्ति यदि 100 रुपये का सही उपयोग करता है, तो उसे 1000 रुपये मिलते हैं, और यदि 1000 रुपये का सदुपयोग करे तो 1 लाख तक का अवसर मिल सकता है। उसी प्रकार, जो पद और अधिकार हमें मिले हैं, यदि उनका उपयोग समाज के हित में किया जाए, तो उसका फल कई गुना होकर प्राप्त होता है।

केवल अपने सुख की सोच गलत 

महाराज ने दो टूक शब्दों में कहा कि पद पर बैठकर केवल अपने सुख के बारे में सोचना गलत मार्ग है। उन्होंने कहा कि पद पर व्यक्ति को माता-पिता की तरह बैठाया जाता है और यह सौभाग्य की बात है कि किसी को समाज सेवा का अवसर मिलता है। समाज की सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है, इसके लिए अलग से माला फेरने की आवश्यकता नहीं।

सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो

इस मुलाकात का एक वीडियो नवजोत कौर सिद्धू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया है। वीडियो में वह हाथ जोड़कर संत प्रेमानंद महाराज की बातें ध्यानपूर्वक सुनती नजर आ रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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