Punjab : बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से राहत, 7 महीने बाद मिली जमानत
पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दे दी।
7 महीने से नाभा जेल में बंद थे मजीठिया
बिक्रम सिंह मजीठिया बीते करीब सात महीने से नाभा जेल में बंद थे। इसी दौरान आज डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों उनसे मिलने नाभा जेल पहुंचे। इस मौके पर पहली बार डेरा ब्यास प्रमुख ने जेल परिसर पहुंचे।
25 जून को हुई थी गिरफ्तारी
तीन बार विधायक रह चुके बिक्रम सिंह मजीठिया को 25 जून को अमृतसर स्थित उनके आवास और 25 अन्य ठिकानों पर तड़के की गई छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरण, प्रॉपर्टी दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए थे।
पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत
26 जून को मोहाली की अदालत ने मजीठिया को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था, जिसे बाद में चार दिन और बढ़ाया गया। इसके बाद 6 जुलाई को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
40 हजार पेज की चार्जशीट
विजिलेंस ब्यूरो ने 22 अगस्त को इस मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में 40 हजार से अधिक पन्नों के दस्तावेजी सबूत और 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने चार्जशीट में करीब 700 करोड़ रुपये की अवैध और बेनामी संपत्ति का खुलासा करने का दावा किया।
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