PM मोदी 7 फरवरी को दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे मलेशिया, समग्र रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, रणनीतिक सहयोग, शिक्षा, संस्कृति और जन-संपर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (7 फरवरी, 2026) को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मलेशिया रवाना हो रहे हैं। यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, रणनीतिक सहयोग, शिक्षा, संस्कृति और जन-संपर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होगी।
भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। मलेशिया में करीब 29 लाख भारतीय प्रवासी दोनों देशों के रिश्तों को एक ठोस आधार प्रदान करते हैं। मलेशिया, आसियान (ASEAN) और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख साझेदार है और भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का भी अहम स्तंभ माना जाता है।
भारत-मलेशिया दोस्ती का प्रतीक है ब्रिकफील्ड्स का तोरण द्वार
कुआलालंपुर के ब्रिकफील्ड्स इलाके में स्थित भव्य तोरण द्वार भारत और मलेशिया की दोस्ती का प्रतीक है। इसका उद्घाटन 23 नवंबर, 2015 को भारत और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से किया था। भारत और मलेशिया के राजनयिक संबंधों की शुरुआत 1957 में हुई थी। वर्ष 2015 में संबंधों को ‘उन्नत रणनीतिक साझेदारी’ और 2024 में ‘समग्र रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा मिला, जिससे द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई हासिल हुई।
मोदी और अनवर इब्राहिम के बीच लगातार संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच लगातार संवाद बना हुआ है। दोनों नेताओं की मुलाकात अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और टेलीफोन बातचीत के जरिए होती रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 6 जुलाई, 2025 को ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात की थी। इसके अलावा, मोदी ने 26 अक्टूबर, 2025 को कुआलालंपुर में आयोजित 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया था। वहीं, 22 अक्टूबर, 2025 को दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी।
शीर्ष नेताओं के दौरों से मजबूत हुए रिश्ते
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले नवंबर 2015 में मलेशिया की आधिकारिक यात्रा कर चुके हैं, जबकि 2018 में कुआलालंपुर में उनका संक्षिप्त ठहराव भी हुआ था। दूसरी ओर प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम अगस्त 2024 में पांच कैबिनेट मंत्रियों के साथ भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे।
साल 2022 से दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर नियमित राजनीतिक संवाद जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई केंद्रीय मंत्रियों की मलेशिया यात्राएं इस रिश्ते को और मजबूत करने का संकेत देती हैं।
रक्षा सहयोग में भी बढ़ी साझेदारी
भारत और मलेशिया के बीच रक्षा सहयोग के क्षेत्र में भी तेजी से मजबूती आई है। सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और रक्षा उद्योग में सहयोग के अलावा, कुआलालंपुर में HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) का क्षेत्रीय कार्यालय भी दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई मजबूती प्रदान करता है।
द्विपक्षीय व्यापार 19.85 अरब डॉलर तक पहुंचा
आर्थिक मोर्चे पर भी भारत और मलेशिया के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर करीब 19.85 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। मलेशिया, आसियान में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत मलेशिया के शीर्ष 10 व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2023 से दोनों देशों के बीच व्यापार का निपटान भारतीय रुपये में भी संभव हो गया है।
वीजा नियमों में ढील से बढ़ा जन-संपर्क
जन-संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने वीजा नियमों में बड़ी राहत दी है। दिसंबर 2023 से मलेशिया ने भारतीय नागरिकों को वीजा फ्री एंट्री की सुविधा दी। वहीं, जुलाई 2024 से भारत ने मलेशियाई नागरिकों के लिए निःशुल्क टूरिस्ट वीजा की शुरुआत की, जो दिसंबर 2026 तक मान्य है। पर्यटन आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में लगभग 14 लाख भारतीय पर्यटक मलेशिया पहुंचे, जबकि करीब 3 लाख मलेशियाई पर्यटक भारत आए।
शिक्षा और संस्कृति में भी सहयोग
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। मलेशिया में आयुर्वेद चेयर और कुआलालंपुर स्थित यूनिवर्सिटी मलाया में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की गई है, जिससे अकादमिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूती मिली है।
नई दिशा देगा पीएम मोदी का दौरा
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और मलेशिया के रिश्तों को रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। इस दौरे में कई अहम समझौते और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे।
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