UP News : SC ने 72 हजार शिक्षकों की भर्ती का दिया आदेश, 9 साल बाद फिर से शुरु हुई प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अटकी शिक्षक भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश में खाली पड़े करीब 72 हजार शिक्षक पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से अटकी शिक्षक भर्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश में खाली पड़े करीब 72 हजार शिक्षक पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के साथ ही करीब नौ साल से ठप पड़ी भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षक पदों पर नियुक्ति में देरी करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करती है। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित होनी चाहिए।
क्यों उलझती रही भर्ती प्रक्रिया ?
प्रदेश में शिक्षक भर्ती बीते कई वर्षों से विवादों और देरी का शिकार रही है। आखिरी बार बड़े स्तर पर शिक्षक भर्ती परीक्षाएं 2021-22 के आसपास आयोजित हुई थीं। इसके बाद परीक्षाओं की तारीखें तो घोषित होती रहीं, लेकिन किसी न किसी कारण से परीक्षाएं टलती रहीं। इसका सीधा असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ा, जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं।
कितने पद हैं खाली ?
राज्य सरकार के मुताबिक 2024 तक प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षकों के 85 हजार से अधिक पद रिक्त थे। वहीं, विभिन्न रिपोर्ट्स में यह संख्या एक लाख से भी ज्यादा बताई जाती है।
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