Himachal Pradesh : छात्रा की मौत मामले में सीएम सुक्खू का एक्शन, आरोपी प्रोफेसर को किया गया निलंबित
हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा का मौत मामला इस वक्त गरमाता जा रहा है। मामले में आरोपी प्रोफेसर को सीएम सुखविंद्र सिंघ सुक्खू ने सख्त आदेश जारी कर, निलंबित कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश में इस वक्त छात्रा की मौत के मामले से दहशत का माहौल है। राजकिय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत मामले में मुख्य़मंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशों पर आरोपी प्रोफेसर को उसके पद से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की जानकारी के बाद शिक्षा विभाग की ओर से शनिवार की शाम को आदेश भी जारी किए गए।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार सुबह सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि धर्मशाला कॉलेज की छात्रा ने अपने वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम लिया है, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) सहित करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने बनाई जांच समिति
उधर, छात्रा की मौत के मामले में तथ्य खोज और प्रारंभिक जांच के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा कथित उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, रैगिंग और जातिसूचक टिप्पणियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। समिति को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान हुई मौत को गंभीर बताते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने तथा पोस्टमार्टम और चिकित्सीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने भारतीय न्याय संहिता 2023, यौन उत्पीड़न निवारण कानूनों और रैगिंग विरोधी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
इसके साथ ही दोषी पाए जाने वाले संकाय सदस्यों पर विभागीय कार्रवाई, कॉलेज में एंटी-रैगिंग व्यवस्था की समीक्षा, परिसर सुरक्षा, जागरूकता और परामर्श तंत्र को मजबूत करने को कहा गया है। आयोग ने पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। वहीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी कांगड़ा से रिपोर्ट मांगी है।
यूजीसी भी करेगा जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी जांच के आदेश दिए हैं। यूजीसी ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यूजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह घटना अत्यंत दुखद है और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी बीच, छात्रा पर जातिसूचक शब्दों से उत्पीड़न के आरोपों को लेकर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
प्राध्यापक संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग की
हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की दुखद मौत पर शोक व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। संघ ने सरकार से मांग की है कि जिन 3-4 छात्राओं और एक प्राध्यापक पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुई थी FIR ?
परिजनों की शिकायत के बाद धर्मशाला थाने में पुलिस ने FIR पर दर्ज किया। बता दें कि पुलिस ने यह FIR भारतीय न्याय सहिंता (BNS) की धारा 75, 115(2), 3(5) के तहत दर्ज किया है।
छात्रा के पिता ने दी थी घटना की जानकारी
इस पूरी घटना पर छात्रा के पिता ने कहा कि 18 सितंबर 2025 को तीन छात्राओं ने उनकी बेटी से मारपीट की और धमकाया भी था। साथ ही, पीड़िता के पिता ने कॉलेज के प्रोफेसर पर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बेटी की तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ती गई और कई अस्पतालों में इलाज के बाद 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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