शब-ए-बारात पर बंगाल में पटाखों पर ब्रेक, हाई कोर्ट का सख्त आदेश
कलकत्ता हाई कोर्ट ने शब-ए-बारात के दौरान गैर-कानूनी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कोर्ट ने पुलिस और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को इस बैन को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
देशभर में बुधवार, 3 फरवरी को शब-ए-बारात का त्योहार मनाया जाएगा. इसी बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस अवसर पर अवैध और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित या हानिकारक पटाखों को फोड़ने की किसी भी सूरत में अनुमति न दी जाए.
हाईकोर्ट ने आदेश में साफ किया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी. यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने जारी किए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस को यह जिम्मेदारी भी सौंपी है कि त्योहार के दौरान याचिकाकर्ता और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
याचिकाकर्ता की शिकायत पर सख्ती
मामले में याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया था कि शब-ए-बारात के दौरान अवैध पटाखों के कारण उन्हें और उनके परिवार को शारीरिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया था कि इस पर रोक लगाने के लिए समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. कोर्ट ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया.
अगली सुनवाई में देनी होगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह भी निर्देश दिया है कि वे इस मामले में उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान पेश करें. इस केस की अगली सुनवाई अप्रैल महीने में तय की गई है.
अवैध पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शब-ए-बारात के दौरान किसी भी प्रकार के अवैध पटाखों का उपयोग न हो और पटाखों के इस्तेमाल की समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शब-ए-बारात के मौके पर बुधवार, 3 फरवरी को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
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