हरियाणा में पिछले दस साल से सत्ता से बेदखल और लगातार तीन विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस हाईकमान प्रदेश कांग्रेस में परिवर्तन करने जा रही है। सबसे पहले प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को हटाया जाएगा और इनके साथ ही वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान का बदला जाना भी लगभग तय है।
परिवर्तन के इस दौर में इस बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नेता प्रतिपक्ष बनना मुश्किल नजर आ रहा है। हार के चलते हाईकमान हुड्डा से भी नाराज है और उनके स्थान पर अशोक अरोड़ा को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है साथ ही बताया जा रहा है कि पार्टी में संतुलन साधने के लिए दोबारा से प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर कुमारी सैलजा का नाम सबसे आगे चल रहा है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया पहले ही अपने इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं जिसके बाद राहुल गांधी के नजदीकी जितेंद्र बघेल को हरियाणा का सह प्रभारी नियुक्त किया जा चुका है। बघेल फिलहाल हरियाणा के मामलों को समझ रहे हैं और जल्द ही वह पूरी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप देंगे।
संभावना यह है कि 13 नवंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा, क्योंकि सदन में भाजपा के बाद कांग्रेस दूसरी बड़ी पार्टी है और कांग्रेस विधायक दल का नेता ही नेता प्रतिपक्ष होगा।
