Donald Trump on Strait of Hormuz: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट और ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि रणनीतिक रूप से जरुरी होर्मुज स्ट्रेट पर अब अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को पूरी तरह खुला और स्वतंत्र रखना चाहता है।
‘हम टोल नहीं चाहते’ – ट्रम्प
ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव पर रिएक्शन दिया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी तरह के टोल का समर्थन नहीं करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह प्रभावी रही है और इसे लोहे की दीवार जैसा बताया। उनके मुताबिक, कोई भी इस नाकाबंदी को पार नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए।
ईरान के दावे के बाद आया बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने दावा किया था कि पिछले 24 घंटों में 31 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री गतिविधियों के बीच अमेरिका अपनी रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत संदेश के तौर पर पेश कर रहा है।
यूरेनियम को लेकर भी दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को अधिक मात्रा में एनरिच्ड यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान से एनरिच यूरेनियम लेकर रहेगा और जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट भी कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।
ईरान के सुप्रीम लीडर ने क्या कहा था?
इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर ने बयान दिया था कि एनरिच्ड यूरेनियम किसी भी हालत में देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बातचीत जारी रखे हुए है, लेकिन अंतिम लक्ष्य यही रहेगा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर पाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह नजर रखेगा करेगा कि परमाणु सामग्री उसे न मिल सके।
20 ईरानी नाविकों की हुई वापसी
इसी बीच अमेरिका के नियंत्रण में रहे जहाज के 20 ईरानी नाविक गुरुवार को तेहरान लौट आए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये नाविक इस्लामाबाद के रास्ते अपने देश पहुंचे। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, कई देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के बाद उनकी वापसी संभव हो सकी।
जहाज पर पाकिस्तानी भी थे मौजूद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस जहाज को अमेरिका ने अपने नियंत्रण में लिया था, उस पर 20 ईरानी और 11 पाकिस्तानी नागरिक मौजूद थे। अमेरिकी कार्रवाई के बाद जहाज का क्रू सिंगापुर के आसपास समुद्री क्षेत्र में फंस गया था। बाद में क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता और राजनयिक प्रयासों के जरिए नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई गई।
Read More:
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, टैंकर से भिड़ी बस में लगी आग, 2 की मौत, लगभग 20 लोग घायल

