बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग(Tiger Shroff firing) मामले में मुंबई तक हथियार पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार राधा और बबीता की पृष्ठभूमि सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों उत्तर प्रदेश के सामान्य परिवारों से आती हैं और उनका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। दोनों रोजगार की तलाश में हरियाणा के सोनीपत पहुंची थीं। अब जांच की जा रही है कि वे कथित तौर पर अपराध से जुड़े लोगों के संपर्क में कैसे आईं। आजमगढ़ जिले के तहबरपुर क्षेत्र के कोठियार गांव की रहने वाली बबीता करीब दो साल पहले अपने मौसेरे भाई, उसकी पत्नी और गांव की एक युवती के साथ पैकिंग का काम करने सोनीपत गई थी।
वहां उसकी मुलाकात सीतापुर जिले के नैमिषारण्य क्षेत्र के नहवइया गांव की राधा से हुई। परिवार के मुताबिक, बबीता ने जून 2026 में अपनी बहन की शादी के दौरान राधा के बारे में बताया था। उसकी बहन नीलम का कहना है कि बबीता को राधा के कामकाज पर शक होने लगा था लेकिन वह उससे अलग नहीं हो पाई। आरोप है कि राधा मुंबई घुमाने के बहाने बबीता को अपने साथ ले गई।
किराए के कमरे में अकेली रहती थी बबीता
बबीता के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। उसके पिता रामजतन राम और मां रूमाली देवी गांव में रहते हैं। परिवार के पास बहुत कम कृषि भूमि है। बबीता ने इंटरमीडिएट के बाद अवध विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की थी। सोनीपत में वह किराए के कमरे में अकेले रहती थी।
परिवार के सदस्यों को इस मामले में उसका नाम आने से गहरा झटका लगा है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले उसकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
राधा के परिवार ने क्या कहा ?
सीतापुर की राधा करीब आठ साल पहले पति से अलग होकर मायके चली गई थी। उसकी मां मैना के मुताबिक, आर्थिक जरूरतों के चलते वह 2025 में कमाने के लिए हरियाणा गई थी। परिवार को यह जानकारी नहीं थी कि वह किस फैक्ट्री में काम करती थी।
पुलिस खंगाल रही हथियारों का नेटवर्क
आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, स्थानीय पुलिस मुंबई और दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। शुरुआती जांच में बबीता को कथित तौर पर हथियार पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। हथियार कहां से आए और मामले में दोनों की वास्तविक भूमिका क्या थी इसकी जांच जारी है।
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