पंजाब के मानसा जिले में चर्चित नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के बाद बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े हो रहे गंभीर सवालों के बीच, मानसा के डीएसपी हरजिंदर गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नीरज को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद भड़का था जनाक्रोश
नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मानसा में दिनदहाड़े हुई हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। इस जघन्य हत्याकांड के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। न्याय की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे थे। जनता के भारी दबाव और बिगड़ते हालातों को देखते हुए सरकार और प्रशासन को आखिरकार यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
डीएसपी हरजिंदर गिल और ड्रग इंस्पेक्टर पर गिरी गाज
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की गंभीरता को समझते हुए शासन स्तर पर उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में मानसा के डीएसपी हरजिंदर गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नीरज को उनके पदों से हटाते हुए निलंबित कर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि मामले में लापरवाही और जनआक्रोश को शांत करने के उद्देश्य से यह निलंबन किया गया है, ताकि निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो सके और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
प्रशासन ने उठाया कदम
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के बाद से ही पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्ष और आम जनता सरकार पर हमलावर थी। दिनदहाड़े एक नशा-विरोधी कार्यकर्ता की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी थी। डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर के निलंबन से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि आपराधिक मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है ताकि हत्याकांड से जुड़े सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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