Nepal Flash Floods: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। अब तक 584 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2,482 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में इंफोसिस (Infosys) के CEO लक्स गोपीसेट्टी भी शामिल हैं। बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस मामले में इंफोसिस ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति की जानकारी दी है।
निजी यात्रा पर नेपाल गए थे गोपिसेट्टी
इंफोसिस ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लक्स गोपीसेट्टी निजी यात्रा पर नेपाल गए थे। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। कंपनी ने कहा है कि वह संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर उनकी तलाश कर रही है और उनसे संपर्क करने की लगातार कोशिश की जा रही है।
🚨Infosys confirms that one of its top executives – Lax Gopisetty – the Chief Executive Officer of Infosys Public Services, an Infosys subsidiary focused on public sector in the US and Canada, was visiting Nepal in a personal capacity and is currently not reachable.
"Our…
— Chandra R. Srikanth (@chandrarsrikant) August 28, 2026
परिवार के संपर्क में है इंफोसिस
कंपनी के मुताबिक, वह लक्स गोपीसेट्टी के परिवार के संपर्क में है और इस मुश्किल समय में उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है। इंफोसिस ने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं लक्स गोपीसेट्टी और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।’ कंपनी ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और बड़ी संख्या में हुई मौतों पर भी गहरा दुख व्यक्त किया है।
कौन हैं लक्ष गोपिसेट्टी?
इंफोसिस की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, लक्स गोपीसेट्टी सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को रणनीति, तकनीक, संचालन और डिजिटल बदलाव से जुड़े मामलों में सलाह देते हैं। वह कंपनी की रणनीति और उसके काम की निगरानी भी करते हैं, ताकि संस्थाओं के लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके। मौजूदा पद संभालने से पहले वह इंफोसिस में ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस एप्लीकेशंस एंड डिजिटल वर्कस्पेस सर्विस के प्रमुख रह चुके हैं।
320 भारतीय अभी भी लापता
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। इसके अलावा करीब 400 भारतीय तिब्बत क्षेत्र में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
153 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंचे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की ओर फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं। भारत ने काठमांडू को इस संकट से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने की भी पेशकश की है। नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
Read More:
ट्रंप ने बदला लेक ओंटारियो का नाम, कनाडा के PM कार्नी ने किया खारिज

