विदेशों में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों और संगठित अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों पर नकेल कसते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ा अभियान पूरा किया है। केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से मलेशिया से तीन कुख्यात और वांटेड गैंगस्टरों को भारत डिपोर्ट करा दिया गया है। इन तीनों आरोपियों के दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पहुंचते ही पंजाब पुलिस की टीम ने इन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल, अजय सिंह और पवंदीप सिंह के रूप में की गई है।
Indian agencies got three absconding Indian gangsters apprehended in Malaysia, deported them to India, and sent them to police custody. The fugitives, namely Jaspreet Singh, Ajay Singh, and Pawandeep Singh, are linked to the Bambiha Gang and are accused of multiple crimes,…
— गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia) August 24, 2026
बंबीहा गैंग से जुड़ाव और गंभीर अपराधों के आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि डिपोर्ट किए गए तीनों गैंगस्टरों का सीधा संबंध बंबीहा गैंग से है। इन आरोपियों के खिलाफ हत्या, रंगदारी मांगने और अवैध हथियारों व विस्फोटक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इन तीनों पर पंजाब के लुधियाना शहर में एक घातक ग्रेनेड हमले की साजिश रचने का भी संगीन आरोप है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से साठगांठ की जांच
मलेशिया से प्रत्यर्पित कराकर लाए गए इन अपराधियों की धरपकड़ के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर इनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर टिक गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े होने की भी प्रबल आशंका है। पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि क्या इन गैंगस्टरों का इस्तेमाल सीमा पार से देश में अस्थिरता फैलाने और आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
विदेश में छिपे अपराधियों पर सरकार का बड़ा प्रहार
गृह मंत्रालय कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विदेशों में शरण लेकर भारत में अपराध की साजिश रचने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को काफी तेज कर दिया गया है। साल 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों को विदेशों से प्रत्यर्पित या डिपोर्ट कराकर भारत वापस लाया जा चुका है। केंद्र सरकार का दावा है कि विदेशों में पनाह लिए बैठे अपराधियों और भगोड़ों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।
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