केंद्र सरकार ने टेलीविज़न चैनलों के लिए प्रति घंटे 12 मिनट के विज्ञापन समय की सीमा को हटाने वाले नियम जारी कर दिए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 21 अगस्त को गैज़ेट में ‘केबल टेलीविज़न नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2026’ को अधिसूचित किया।
मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7 में, उप-नियम (11) को हटा दिया जाएगा।” यह उस संशोधन से संबंधित है जिसमें टेलीविज़न विज्ञापनों को प्रति घंटे 12 मिनट तक सीमित किया गया था। विज्ञापन समय की यह सीमा 2006 में ‘केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियम, 1994’ के तहत लागू की गई थी। मंत्रालय ने कहा कि तब से टीवी प्रसारण क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, 2006 में केवल 62 टीवी चैनल थे, जबकि आज इनकी संख्या 900 से अधिक है।
The 12-minute rule has had its final ad break! 📺
The Government has removed the 12-minute advertisement duration cap for television channels, updating the rules to reflect how India’s broadcasting landscape has evolved.
With 900+ TV channels and digital distribution platforms…
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) August 22, 2026
उस समय, टीवी चैनल पहुंचाने का मुख्य माध्यम केबल टीवी था, जो एनालॉग तकनीक पर आधारित था और जिसकी क्षमता सीमित थी, जिससे उपभोक्ताओं के पास बहुत कम विकल्प होते थे। केबल टीवी क्षेत्र के पूरी तरह से डिजिटल होने के बाद, अब DTH, केबल टीवी, HITS और IPTV सहित सभी टीवी वितरण प्लेटफॉर्म डिजिटल हो गए हैं। ये प्लेटफॉर्म अब 300 से 500 या उससे अधिक चैनलों को प्रसारित करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं की विभिन्न ज़रूरतें पूरी होती हैं और उन्हें ज़्यादा विकल्प मिलते हैं।
नतीजतन, बाज़ार में अब पर्याप्त प्रतिस्पर्धा है। टीवी प्रसारण क्षेत्र में आए बदलावों को देखते हुए, विज्ञापन की अवधि से संबंधित नियमों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता महसूस की गई। भारत में, यह क्षेत्र काफी हद तक विज्ञापनों पर निर्भर है, चाहे चैनल ‘पे’ हो या ‘फ्री-टू-एयर’ ।
इसके अलावा, पारंपरिक टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया के बीच समान अवसर नहीं थे, क्योंकि डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन की सीमा को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय का मानना है कि टीवी उद्योग के भीतर और टीवी उद्योग तथा डिजिटल मीडिया के बीच बाज़ार में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा मौजूद है। सरकार ने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ सुनिश्चित करने के लिए विज्ञापन समय की सीमा को हटाने का निर्णय लिया है।
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