Earthquake in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिलों में मंगलवार शाम भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन से लोगों में दहशत फैल गई और वे एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक अब तक जान-माल के किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
भरमौर में 3.6 तीव्रता का पहला झटका
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, चंबा के भरमौर क्षेत्र में शाम 6:54 बजे पहला भूकंप आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र करेरी के पास जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में था।
45 मिनट में दो और झटके
पहले झटके के बाद भरमौर में शाम 7:40 बजे और 7:43 बजे भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। यानी करीब एक घंटे के भीतर क्षेत्र में तीन बार धरती हिली। लगभग 45 मिनट बाद कांगड़ा जिले में भी मध्यम तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया। कांगड़ा में आए भूकंप की गहराई भी 5 किलोमीटर बताई गई है।
घरों में रखा सामान हिलने लगा
भूकंप के झटके महसूस होते ही घरों में रखा सामान हिलने लगा। अचानक कंपन से घबराए लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए और कुछ देर तक घरों से बाहर रहे। भरमौर में कम समय के अंतराल पर तीन झटके आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई। स्थिति सामान्य होने के बाद ही लोग वापस अपने घरों में लौटे।
प्रशासन ने नुकसान से किया इनकार
एडीएम चंबा अमित मेहरा ने बताया कि जिले में किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और हालात की निगरानी की जा रही है।
भूकंपीय क्षेत्र V में आते हैं दोनों जिले
चंबा और कांगड़ा दोनों भूकंपीय क्षेत्र V में आते हैं। इस क्षेत्र को उच्च-क्षति-जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, भूकंप की उथली गहराई के कारण इसके झटके लोगों को अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस हुए।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
Read More:
आजम खान पर ED का एक्शन, दिल्ली से रामपुर-सहारनपुर तक 10 ठिकानों पर छापेमारी

