Twisha Sharma Murder Case: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड मामले में CBI ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में 636 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
दहेज मृत्यु और क्रूरता के आरोप
BNS की धारा 80(2) दहेज मृत्यु, धारा 85 पति या उसके रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता, धारा 108 आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण और धारा 3(5) साझा आपराधिक कृत्य में जिम्मेदारी से संबंधित है। वहीं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 दहेज लेने-देने और धारा 4 दहेज की मांग से जुड़ी है।
अभियोजन के लिए अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट
CBI ने जांच के बाद अभियोजन के लिए चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं। यानी अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ सेकंड पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा की मौत की प्रारंभिक जांच के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था। सेकंड पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की है।
डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की भी पड़ताल
जांच के दौरान CBI ने आरोपियों के संपर्क, डिजिटल साक्ष्यों और आवाज के नमूनों की जांच की। इसके अलावा अन्य फोरेंसिक पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया। इन सभी जांचों के बाद एजेंसी ने अदालत में चार्जशीट पेश की है।
न्यायिक हिरासत में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह
इस मामले में पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह आरोपी हैं। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले विशेष अदालत गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
गंभीर आरोपों के चलते जमानत से इनकार
विशेष अदालत ने मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए गिरिबाला सिंह को जमानत देने से इनकार किया था। अब CBI की ओर से 636 पेज की चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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