Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार, 16 अगस्त को लखनऊ में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह लोकभवन पहुंचकर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान वे पूर्व प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व और देश के लिए उनके योगदान को याद करेंगे।
‘अटल स्मृति संध्या’ का होगा आयोजन
इसके बाद लखनऊ में पं. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘अटल स्मृति संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। कार्यक्रम के संयोजक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसकी जानकारी दी है।
अशोक चक्रधर करेंगे एकल काव्य पाठ
अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, केजीएमयू में आयोजित होने वाली इस संध्या में पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार अशोक चक्रधर एकल काव्य पाठ प्रस्तुत करेंगे। अटल जी स्वयं भी एक कुशल वक्ता के साथ-साथ महान कवि थे, ऐसे में कार्यक्रम में साहित्यिक प्रस्तुति खास आकर्षण रहेगी।
कई बड़े नेता कार्यक्रम में होंगे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल समेत सरकार और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। इनके अलावा पार्टी कार्यकर्ता और आमजन भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। वे भारत के 10वें प्रधानमंत्री थे और तीन बार इस पद पर रहे। भारतीय राजनीति में उनकी पहचान एक सफल राजनेता के तौर पर रही। वे राजनेता होने के साथ-साथ प्रभावशाली वक्ता और महान कवि भी थे।
पोखरण से स्वर्णिम चतुर्भुज तक बड़े फैसले
वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और आर्थिक एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले हुए। उनके लंबे राजनीतिक जीवन में लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को विशेष महत्व मिला।
विपक्ष भी करता था भाषण शैली का सम्मान
अटल बिहारी वाजपेयी की भाषण शैली और राजनीतिक समझ का विपक्ष भी सम्मान करता था। उनकी सहज भाषा, प्रभावशाली व्यक्तित्व और राजनीतिक दृष्टिकोण ने उन्हें भारतीय राजनीति में अलग पहचान दिलाई।
2015 में मिला ‘भारत रत्न’
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अटल बिहारी वाजपेयी को साल 2015 में सम्मानित किया गया। इसके तीन साल बाद 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हो गया। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है और राष्ट्र के लिए उनके योगदान को याद किया जाता है।
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