US Russia Bill Impact: अमेरिकी सीनेट ने रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े एक बिल को मंजूरी दे दी है। अब यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स यानी प्रतिनिधि सभा में पहुंच गया है। वहां से पारित होने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन सकता है। बिल में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े टैरिफ लगाने का प्रावधान है। ऐसे में भारत के लिए भी चिंता बढ़ गई है।
भारत पर 100% टैरिफ का खतरा
विदेशी मामलों के जानकार महेश सचदेव के मुताबिक, सीनेट ने लींडसे ग्राहम बिल को मंजूरी दी है, जिसमें रूसी तेल के पांच बड़े आयातकों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैक्स लगाने का प्रावधान है। उनके अनुसार, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से पारित होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की सहमति से यह कानून बन सकता है।
ट्रेड डेटा से तय होंगे निशाने पर आने वाले देश
इस कानून के तहत अमेरिकी सरकार को ट्रेड डेटा के आधार पर उन देशों की पहचान करनी होगी, जिन पर टैरिफ लगाया जा सकता है। कानून में इन देशों के नाम सीधे लिखे जाने का प्रावधान नहीं है। इसमें रूसी क्रूड ऑयल के पांच सबसे बड़े आयातक, रूसी प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े आयातक और रूस पर लगाए गए तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले पांच बड़े देश शामिल होंगे।
पहले भी भारत पर लगा था 25% अतिरिक्त टैरिफ
महेश सचदेव ने बताया कि पिछले साल रूस से तेल और गैस आयात करने के कारण भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था। हालांकि, अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को चुनौती दी गई थी और वहां सरकार केस हार गई थी। अब इस चुनौती के बाद बिल को कांग्रेस के जरिए आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे इसके कानून बनने की राह आसान हो सकती है।
भारत के निर्यात पर पड़ेगा सीधा असर
महेश सचदेव का कहना है कि बिल जिस भी स्वरूप में कानून बनेगा, वह भारत के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा। इससे अमेरिका को भारत की निर्यात मुहिम को झटका लग सकता है और व्यापार में अनिश्चितता बढ़ सकती है। टैरिफ कितना लगाया जाएगा, इसका असर भारत के कुल निर्यात पर पड़ेगा। भारतीय निर्यातकों के साथ आयातकों को भी अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है और इसका खामियाजा दोनों को भुगतना पड़ेगा।
25% टैरिफ के बाद भी बढ़ा था निर्यात
पिछले 25 फीसदी टैरिफ के बावजूद भारत के निर्यात में वृद्धि हुई थी, लेकिन यह वृद्धि सीमित रही। ऐसे में अगर नया टैरिफ 100 फीसदी तक पहुंचता है तो भारत के लिए चुनौती और बड़ी हो सकती है। खासकर ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम चरण में बताया जा रहा है।
फार्मा से टेक्सटाइल तक इन सेक्टरों पर असर
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव यानी GTRI का कहना है कि अगर अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है, तो निर्यात पर निर्भर कई क्षेत्रों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इनमें फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, रसायन, टेक्सटाइल्स और ऑटो पार्ट्स प्रमुख हैं।
महंगे होंगे भारतीय सामान, घट सकती है मांग
100% टैक्स लगने की स्थिति में अमेरिका में भारतीय सामान काफी महंगे हो जाएंगे। इससे अमेरिकी बाजार में उनकी मांग घट सकती है। अमेरिकी खरीदार भारत के बजाय दूसरे देशों के वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख कर सकते हैं। इसका सीधा असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ेगा और उन्हें कमजोर मांग के साथ मुनाफे में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
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