उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संभल जिले के बहजोई स्थित फत्तेहपुर शरीफनगर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 569 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 12 परियोजनाओं का लोकार्पण और 56 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी भूमि के पट्टे भूमिहीन परिवारों को वितरित किए।
धार्मिक विरासत के बचाव का किया जिक्र
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने संभल को भगवान हरिहर और भगवान विष्णु के दसवें अवतार से जुड़ी पावन भूमि बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने चंदौसी में 145 फीट ऊंची भगवान गणपति और 151 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमाओं के अनावरण का जिक्र करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी।
विकास परियोजनाओं पर सरकार का फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराई है। उन्होंने बताया कि इन जमीनों का उपयोग गरीब, दलित, पिछड़े और भूमिहीन परिवारों के हित में किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ऐसे कई परिवारों को सरकारी भूमि के पट्टे भी सौंपे गए। उन्होंने जिले में पुलिस लाइन, पीएसी बटालियन, इंटीग्रेटेड मुख्यालय भवन और सड़क संपर्क को मजबूत करने वाली परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाएं संभल के विकास को नई गति देंगी।
कानून-व्यवस्था और सुशासन का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार विकास के साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में सुशासन का माहौल है और विकास योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, परिवहन और आधुनिक बुनियादी ढांचा किसी भी क्षेत्र की आर्थिक विकास की नींव होते हैं। सरकार का लक्ष्य संभल को विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।
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