दिल्ली के सरकारी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में कई अहम खुलासे हुए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Delhi Government) के निर्देश पर राजधानी के पुराने स्कूल भवनों की जांच कराई गई थी जिसमें 108 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों की इमारतों को छात्रों के लिए असुरक्षित पाया गया है। इनमें से कुछ भवनों को जमींदोज करने की प्रक्रिया जल्द शुरु की जा सकती है।
जांच में सामने आया कि कई स्कूल भवन काफी पुराने और कमजोर स्थिति में हैं। इनमें से 7 इमारतों को प्राथमिकता के आधार पर ध्वस्त किए जाने की संभावना है। इनमें CM SHRI स्कूल, चिल्ला गांव; गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जसोला गांव के सर्वोदय कन्या विद्यालय, कराला के गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बापरोला के SKV मटियाला, GGSSS नेब सराय और GGSSS शिवाजी पार्क शामिल हैं।
54 इमारतों की हालत बेहद खराब
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 108 चिन्हित स्कूल भवनों में से 54 की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। इन इमारतों को हटाने या पुनर्निर्माण का काम शुरू किया जा चुका है। वहीं, कुछ अन्य भवनों के लिए भी जांच और आगे की कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को स्कूल भवनों की मजबूती, सुरक्षा मानकों और संभावित खर्च का आकलन करने की जिम्मेदारी दी है। 14 अन्य स्कूल भवनों के लिए भी स्ट्रक्चरल ऑडिट से जुड़े प्रस्ताव भेजे गए हैं।
सुरक्षित स्कूल भवन बनाने की योजना
सरकार अब सभी स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग कराने की तैयारी कर रही है। इसमें भवन की मजबूती, अग्नि सुरक्षा और अन्य जरूरी मानकों की जांच की जाएगी। जर्जर भवनों की जगह आधुनिक और भूकंपरोधी G+4 स्कूल बिल्डिंग बनाने की योजना है।
इसके अलावा खाली सरकारी जमीनों पर नए स्थायी स्कूल भवन विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। सरकार का कहना है कि निर्माण और तोड़फोड़ का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि छात्रों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े।