उत्तराखंड में आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के पहले चरण के बाद निर्वाचन विभाग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। नई सूची के अनुसार राज्य में मतदाताओं की संख्या में 10.39 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। SIR से पहले संभावित मतदाताओं की संख्या 79,60,762 थी, जो अब घटकर 71,33,785 रह गई है। यानी ड्राफ्ट सूची में 8,26,977 मतदाता कम हो गए हैं।
19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी
निर्वाचन विभाग की जांच में करीब 19,04,380 मतदाताओं के विवरण में विसंगतियां पाई गई हैं। आयोग अब ऐसे सभी मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) के माध्यम से नोटिस जारी करेगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सुधार किए जाएंगे। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिन लोगों का नाम सूची में नहीं है या जिनके विवरण में सुधार की जरूरत है, वे 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
देहरादून में सबसे ज्यादा और चमोली में सबसे कम विसंगतियां
राज्य में सबसे अधिक 33 प्रतिशत विसंगतियां देहरादून जिले में दर्ज की गई हैं। इसके बाद हरिद्वार में 31 प्रतिशत और नैनीताल में 29 प्रतिशत रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियां सामने आई हैं। वहीं, चमोली और अल्मोड़ा में सबसे कम 16-16 प्रतिशत विसंगतियां पाई गई हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि राज्य में 70 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और लगभग 800 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) तैनात किए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को संबंधित दस्तावेजों और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) की रिपोर्ट के साथ अधिकारियों के सामने पेश होना होगा। सत्यापन के बाद मौके पर ही रिकॉर्ड में सुधार किया जाएगा।
जगह-जगह लगाए जाएंगे विशेष शिविर
निर्वाचन विभाग ने प्रशासनिक सुविधा को देखते हुए मतदान केंद्रों की संख्या 11,733 से बढ़ाकर 12,543 कर दी है। मतदाताओं की सुविधा के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर शिविर आयोजित किए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों में तहसीलों के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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