भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर महिला टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज़ बनकर इतिहास रच दिया। क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में से एक पर, इस बाएं हाथ की बल्लेबाज़ ने संयम और दृढ़ संकल्प के साथ खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी यह शानदार उपलब्धि भारतीय और विश्व महिला क्रिकेट, दोनों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण थी।
Another #TeamIndia player is on the Test Honours Board at Lord's 🌟👏
Yastika Bhatia brings up a fantastic 𝗺𝗮𝗶𝗱𝗲𝗻 𝗧𝗲𝘀𝘁 𝗛𝗨𝗡𝗗𝗥𝗘𝗗 💯
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— BCCI Women (@BCCIWomen) July 12, 2026
ओपनिंग जोड़ी के आउट होने के बाद भाटिया क्रीज़ पर आईं और उन्होंने बहुत संयम के साथ खेलते हुए टॉप ऑर्डर के साथ मिलकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ 73 रनों की अहम साझेदारी की मंधाना ने 130 गेंदों पर शानदार 70 रन बनाए और उप-कप्तान के आउट होने के बाद पारी की कमान संभाली। इस जोड़ी ने एक मज़बूत नींव रखी, जिससे भारत मैच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर सका।
हालांकि जेमिमा रोड्रिग्स (3) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (16) अच्छी शुरुआत का फ़ायदा नहीं उठा सकीं, लेकिन भाटिया ने सुनिश्चित किया कि भारत का मोमेंटम बना रहे। बाद में उन्होंने दीप्ति शर्मा (10) के साथ 52 रनों की बहुमूल्य साझेदारी की, जिसके बाद दीप्ति आउट हो गईं।
धैर्य और बेहतरीन शॉट चयन का प्रदर्शन करते हुए, भाटिया ने आत्मविश्वास के साथ अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया और लॉरेन बेल व सोफी एक्लेस्टोन की अगुवाई वाली इंग्लैंड की गेंदबाज़ी लाइन-अप को परेशान किया।
यह शतक न केवल यास्तिका भाटिया के लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण है। लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बनने से वह खेल के उन दिग्गजों की श्रेणी में शामिल हो गई हैं जिन्होंने इस ऐतिहासिक मैदान पर यादगार प्रदर्शन किया है। उनकी नाबाद पारी को टेस्ट क्रिकेट में किसी भारतीय महिला द्वारा खेली गई बेहतरीन पारियों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।

