भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अब केवल दो दिन बचे हैं और 15 जुलाई से भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले लगभग सभी सामान पर वहां जीरो इंपोर्ट ड्यूटी लागू होगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि भारत के सेवा क्षेत्र और विदेश में काम करने वाले हजारों भारतीयों के लिए भी नए अवसर लेकर आया है।
भारतीय कर्मचारियों को मिलेगा सोशल सिक्योरिटी का बड़ा लाभ
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच डबल कॉन्ट्रिब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट भी 15 जुलाई से लागू होगा। इसके तहत जो भारतीय पेशेवर या कर्मचारी पांच साल तक ब्रिटेन में काम करने जाएंगे, उन्हें वहां सोशल सिक्योरिटी के नाम पर 25 प्रतिशत तक की राशि नहीं गंवानी पड़ेगी। मंत्री के मुताबिक, यह रकम अब भारत में उनके प्रोविडेंट फंड (PF) खाते में जमा होगी, जिस पर 8.25 प्रतिशत टैक्स-फ्री ब्याज मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उनके परिवारों को भी लाभ होगा।
#WATCH मुंबई: भारत-UK FTA समझौते पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "… केवल 2 दिन बचे हैं; आज 12 तारीख़ है। 15 तारीख़ से भारत से यूनाइटेड किंगडम भेजे जाने वाले किसी भी सामान का वहां ज़ीरो इंपोर्ट ड्यूटी पर स्वागत किया जाएगा। यह UK-भारत फ़्री ट्रेड डील हम सभी के लिए नए मौके… pic.twitter.com/G1uITxg0EL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 12, 2026
99% भारतीय उत्पादों को मिलेगा ड्यूटी-फ्री एक्सेस
FTA के तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बिना आयात शुल्क के प्रवेश मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, फूड प्रोसेसिंग, ऑटो कंपोनेंट्स और केमिकल्स जैसे क्षेत्रों के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पीयूष गोयल ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ एक महत्वपूर्ण समझौता बताया, जो व्यापार के साथ-साथ सेवा क्षेत्र को भी मजबूत करेगा।
सिर्फ ड्यूटी खत्म होना काफी नहीं
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) का कहना है कि ड्यूटी-फ्री एक्सेस भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब कंपनियां ब्रिटेन के गुणवत्ता मानकों, तकनीकी नियमों और सर्टिफिकेशन की शर्तों को पूरा करेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय उद्योगों को पैकेजिंग, गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स और समय पर डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में भी सुधार करना होगा।
Read More
फॉर्च्यून इंडिया की सब से पावरफुल महिलाओं में नीता अंबानी ने पाया पहला स्थान

